Thursday, January 30, 2025

श्रेष्ठता का भ्रम

वाकिया कुछ दिनों पूर्व का है जब हमारा सामना एक ऐसी सज्जन दंपति से हुआ, जिन्हें अपने आपको श्रेष्ठ साबित करने का जुनून था। हर वह चीज़ जो आपके पास है वह उनके या उनके रिस्तेदारो के पास है, न सिर्फ उनके पास है वह आपसे बेहतर भी है। 

श्रेष्ठता साबित करने के लिए वो कुछ भी बोलते। सामने वाले को साफ नजर आ रहा है कि आप झूठ बोल रहे है, पर उन्हें अपनी जुबान पर कोई भी कंट्रोल नही है। 

पहला किस्सा कुछ यूं है कि एक दिन हम उदयपुर घूमकर आये थे,  सज्जन दम्पत्ति हमारे घर आये, बातो बातो में मैंने उदयपुर की सुंदरता के बारे में बताना चाहा तभी वो बोले कि हिमांचल जैसी दुनिया मे कोई जगह ही नही है, मुझे बार बार मौका मिले तो मैं वही जाना पसंद करूँगी। स्वर्ग है वो स्वर्ग। मैंने सोंचा की हिमांचल तो स्वर्ग के समान है यह माना मैंने पर धरती पर एक ही स्वर्ग नही है और भी है। जितना आप जानते हो बस वही सत्य नही है।

दूसरा किस्सा है जब मैंने कार खरीदी, मित्रवत हम उन्हें मिठाई देने उनके घर जा पहुचे, कार के बारे में जानकारी दी तो बताते है कि आई20 को की उनके परिवार के पास है, उसके जैसी गाड़ी ही नही देखी है, इतनी तेज चलती है, बस हवा में बाते करती है। इतने पहाड़ घूम डाले, कार में तो मज़ा आ गया। इन्हें कौन समझाए की जब इश्क होता है तब सिर्फ महबूब देखा जाता नही। वो कौन है कहाँ से है, यह मायने नही रखता है।

तीसरा किस्सा कुछ यूँ है कि हम दिल्ली गए हुए थे, रीगल सिनेमा के पास घड़ी बेच रहा था, तो मेरी पत्नी को एक घड़ी पसंद आई और हमने 100 ₹ में ग़रीद ली। रविवार के दिन सज्जन दम्पत्ति का आगमन हुआ तो उनकी नज़र हमारी उस घड़ी पर पड़ी। तभी उनके प्रश्नों की बौछार होने लगी। किस ब्रांड की है, कितने की है, मुझे तो इसमें कोई खास बात लग नही रही है। लोचल है लग रहा है, मेरी पति बोली हैं लोचल है 100₹ कि है, रीगल से ली है। तभी दम्पत्ति बोलते है, देखा मैंने पहचान लिया, नही तो आप लोग बताते की यह बहुत महंगी है, अमुक ब्रांड की है। जो बात हमने बोली ही नही, वे ख़ुद ही समझ गयी तो हम क्या करे। अत्यधिक ज्ञान भी बहुत खतरनाक है।

चौथा किस्सा है जब हमारे एक मित्र ने फ्लैट खरीद, सबको अपने गृह प्रवेश पर बुलाया, सब लोगो को घर देख कर प्रसन्नता हुई, सबने बधाई दी, तभी अमुक दम्पत्ति आते है और बोलते है, घर तो अच्छा है पर मैं कभी भी पुराना फ्लैट नही खरीदूंगी, मुझे फ्रेश फ्लैट ही पसंद आते है, नही तो मैं ज़मीन खरीदकर घर बनाने को अच्छा समझती हूं। अमुक दम्पत्ति को एक बार देखा और सिर झुका कर उनके विचारों का सम्मान किया और अपने मित्र को बधाई देने के लिए आगे बढ़ चला।

पांचवा किस्सा, नोएडा से लखनऊ आते समय मैंने अपनी कार की स्पीड 120 तक ले गया, बात आगरा एक्सप्रेसवे की हो रही थी कि 120 पर भी स्पीड का अहसास नही हो रहा था। तभी सज्जन दम्पत्ति बोलते है कि एक बार मैंने 140 की स्पीड में गाड़ी चलाई थी, मंत्री जी आगे चल रहे थे और मैं उनके पीछे पीछे, काफिला 140 पर चल रहा था और मैं उन्ही के पीछे लग लिया, 120 किलोमीटर मैंने 1 घंटे में तय कर डाला। इसके बाद मेरे पास कहने को कुछ नही बचा था। मन ही मन मन मैंने खुद से माफी मांगी और अपने काम मे लग लिया।

छठा किस्सा, अमुक दम्पत्ति वैष्णो देवी घूम कर आये थे, हम प्रशाद लेने उनके घर गए तो वो दिखाने लगे कि वे जम्मू से क्या क्या लाये है, तभी उन्होंने एक स्वेटर दिखाया और बोले अंदाज़ लगाओ यह कितने का है, अब हमें क्या पता कितने का हो सकता है, स्वेटर तो माँ बुन कर मुझे देती थी, खरीदने की कभी नौबत ही नही आई, कैसे अंदाज़ लगता कि कितने का है। तभी दंपति जी बोलते है देख लो प्यूमा का है, अब अंदाज़ लगाओ। मैंने जब हार मान ली,  तो बोलते है 400 का लेकर आया हूँ। तब से मैं शून्य पर हूँ, कुछ समझ नही आया कि क्या व्यक्त करूँ।

सातवां किस्सा एक विवाह समाहरोह का है जब हम अमुक दम्पत्ति के साथ विवाह की रश्मो का आनंद ले रही थी तभी अमुक दम्पत्ति बोली कि आज कल पर्स कितने महंगे हो गए है। पूरा शहर घूम डाला तब जाकर यह पर्स मिला है, पूरे 900 ₹ का है। अब मेरी पत्नी पशोपेह में पड़ गयी कि वह क्या बोले। मेरी तरफ देखते हुए इशारा किया कि क्या मैं अपने पर्स की कीमत बात दूँ। हमने शांत रहने का निर्णय लिया। 

आठवां किस्सा है जब दिल्ली की सरोजनी मार्किट में खड़े होकर अमुक दम्पत्ति मुझसे बोलते है कि देखो मेरी लेदर की जैकेट, लोग इसे देख कर मुझे बड़ा ही अमीर समझ रहे होंगे। इतनी बात सुन अचानक मुझे खाँसी आने लगी। पानी मंगाया गया। पानी पिया फिर जा कर मेरी खासी रुकी। 

नौवां किस्सा है 1000 ₹ कि सब्जी का, अमुक दम्पत्ति ने अपने घर के लिए नया नया फ्रिज लिया था, हम उनके घर की काम से गये थे, तभी अमुक दंपति मेरी पत्नी को प्रिज़ दिखाते हुए बोलते है कि देखो कितना बड़ा फ्रिज है, पूरे पूरे 1000₹ की सब्जी खरीद कर लाया हूँ और सारी की सारी सब्जी इस फ्रिज में आ गयी। मेरी पत्नी को समझ नही आ रहा था कि वह क्या प्रतिक्रिया दे। उनके घर मे आज फ्रिज आयी है, उससे बड़ी फ्रिज मेरे घर मे पिछले 11 सालों से है।






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