Monday, January 13, 2025

घर- जहाँ भीड़ नही।

कल ही भाई ने घर पर बुलाया, घर पहुँचने में मुझे थोड़ी देर हो गयी,  तब भाई ने पूछा कि इतनी देर कैसे हो गयी, आने में तो बस 20 मिनट ही लगते है। तभी मैने बोला, भाई आजकल घर से निकलो और ट्रैफिक न मिले ऐसा भी कभी हो सकता है। ना जाने कितनी जगह रुकना पड़ा बात नही सकता। 

अभी कुछ दिन पहले ही मैं घूमने गया था, वहाँ भी बस एक ही चीज़ थी, वह थी बस भीड़। ट्रेन, बाजार, बस यहां तक कि शौचालय में भी भीड़ है। 

तभी भाई बोलता है की, राहुल भीड़ बस एक ही जगह नही है, वह है.......... 

                             घर

अब सबके अपने अपने घर है। 

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