Wednesday, January 29, 2025

बंगाली दूल्हे की लखनवी बारात

घर की बिटिया ने अपना सुंदर सा वर चुना बंगाल से, लड़का बिल्कुल मिष्टिदोई जैसा है। बारात भी बंगाल की राजधानी कोलकाता से आई थी। दूरी इतनी थी कि कम ही बरती थे, शाम को बारात तैयार हुई निकलने के लिए, 20 लोग बरती, तो बहुत कम होते है, हमारे लखनऊ के हिसाब से। यहाँ छोटी से छोटी बारात में भी काम से कम 200 लोग होते है,   बंगाल में, जहां की रश्मो में इतना शोर शराबा होता ही नही है और ना ही इतनी झूम के बारात निकलती है। 

तय यह हुआ कि हम घराती, बारातियो के साथ बैंड बाजे के साथ जाएंगे। फिर क्या था सबको मौका मिला नाचने का, हम बारातियो के साथ झूम के नाचे। बारातियो को पकड़ पकड़ के नचाया। बाकी घर वालों को भी नचाया। 

1 घंटे लगातार नाचने के बाद हम द्वार पर पहुचे, द्वार पर पहुचे की हमारा किरदार बदल गया। अब हम जिस बारात को लेकर आये थे अब उसी बारात के स्वागत में खड़े थे। फूल माला से सबका स्वागत किया और विवाह हर्षोउल्लास के साथ संपन्न हुआ । 

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