चालाक, जासूस,, गुप्तचर, छल करने वाला, मक्कार, धोखेबाज, ठग, चोर ।
कभी चंद्रकांता में हमने देखा था कि एक अय्यार कैसे अलग-अलग वेश बदलकर, दूसरे राज्यों में जाकर एक-दूसरे को लड़ाने का काम करते थे। और जो अय्यार ठीक थे, बिगड़ी बना भी देते थे।
इतने बरसों के बाद आज मुझे फिर से उनकी याद आई। अय्यार अब कोई व्यक्ति नहीं जिस पर हम कंट्रोल कर सकें। वो कोई और नहीं, अभी हाल ही में जन्मा अपना AI है। अक्सर हम फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर AI द्वारा बनाई गई फोटो और वीडियो देखते हैं, जिसमें हमारे नायकों का ही प्रयोग कर उनसे उनकी मर्जी के बिना ही कुछ भी कहलवाया जाता है।
देखने में भेद करना मुश्किल होता जा रहा है कि कौन असली है और कौन नकली। अभी तो AI बच्चा है। भविष्य में वह क्या गुल खिलाएगा, अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है।
बहुत ही सावधानी से इस नए अय्यार का प्रयोग करना होगा नही तो यह हमको हमसे ही लड़ा कर स्वयं कही किनारे खड़ा होकर बस यह तमाशा देखेगा।
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