Monday, July 17, 2017

तुम होते कौन हो!!!

मुहल्ले कि एक चाय की दुकान पर कुछ लोग इकट्ठा थे और पति पत्नी के प्रेम पर चर्चा चल रही थी। चाय की चुस्की के साथ सब अपने अपने नायाब तरीके साझा कर रहे थे अपनी पत्नी से अपना प्रेम प्रदर्शित करने ने लिए। किसी ने कहा कभी कभी वो पत्नी पर अपना प्रेम प्रदर्शित करने के लिए उसे शॉपिंग करा देते है। कोई अपनी पत्नी को खुश करने के लिए कभी खाना बना देते है और कोई अपनी पत्नी से प्रेम को प्रदर्शित करने के लिए झाड़ू-पोछा भी लगा देते है और कोई बर्तन धुल देता है। अधिकतर लोग अपना प्रेम बेहद शांत और चारदीवारी के भीतर ही प्रदर्शित करते है।

सार्वजनिक स्थानों पर वो अपनो पत्नी से चारकोस दूर ही चलते है, हाथ पकड़ कर चलना तो दूर की बात है।

तभी एक व्यक्ति अपने मित्र से जुड़ा हुआ किस्सा सुनता है कि ... मेरा एक मित्र है जिसकी हाल ही में शादी हुई थी। जब वो एक दिन हमारे परिवार के साथ मार्केट घूमने गया तो मैंने कहा की आप अपनी पत्नी का हाथ क्यों नही थाम लेते यहां भीड़ बहुत है, कही आपकी पत्नी ग़ुम ना हो जाये!!  पति पत्नी दोनों सकुचाते हुए एक दूसरे का हाथ पकड़ चलने लगते है।

चर्चा चल ही रही थी तभी एक और सज्जन पुरुष ज़ोर से बोले मुझे हाथ पकड़ कर चलना सहज नही लगता है और भाई अगर हाथ पकड़ने वाली बात किसी ने मुझसे बोली होती तो मैं बोलता की "तुम होते कौन हो मुझे ये बोलने वाले कि मैं अपनी पत्नी का हाथ पकड़ूँ"
मेरी पत्नी है पकड़ू या न पकड़ू किसी से क्या!!!

इतना सुन दोस्त की कहानी सुनाने वाला निःशब्द हो गया।

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