Sunday, May 31, 2026

चाँद वहीं था

एक चकोर था, जो हर रात चाँद को निहारता था। उसकी ओर खिंचा चला जाता था। उसे लगता था कि चाँद ही उसकी दुनिया है, उसका प्रेम है, उसका जीवन है। चाँद भी यह देखकर अभिभूत था कि कोई उस पर इतना मोहित है।
समय बीता। एक रात बादल छा गए, फिर अमावस्या आई। चाँद की रोशनी गायब हो गई। लेकिन चाँद कहीं गया नहीं था। वह वहीं था, उसी आसमान में, उसी जगह। बदला केवल इतना था कि उसकी रोशनी दिखाई नहीं दे रही थी।
चकोर ने कुछ रातें प्रतीक्षा की, फिर धीरे-धीरे किसी और उजाले की ओर उड़ गया।
चाँद हैरान था। उसे लगा था कि चकोर उसका प्रेमी है। पर सच यह था कि चकोर चाँद का नहीं, उसकी रोशनी का दीवाना था। और वह रोशनी भी चाँद की अपनी कहाँ थी? वह तो सूरज से उधार ली हुई थी।
जब तक चाँद चमकता रहा, चकोर उसके इर्द-गिर्द मंडराता रहा। जैसे ही उजाला कम हुआ, उसका प्रेम भी कम हो गया।
तब चाँद को समझ आया कि चकोर को उसके होने से प्रेम नहीं था, उसके चमकने से था। क्योंकि जब चाँदनी चली गई, तब चकोर भी चला गया; जबकि चाँद तो अब भी वहीं था—उसी आसमान में, उसी जगह, अपने पूरे वजूद के साथ।

Sunday, May 10, 2026

माँ- तुम्हे Mothers Day की हार्दिक शुभकामनाएं

आज Mothers Day है।
सब अपनी माँ को इस दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ दे रहे हैं,
पर उनका क्या जो “माँ” तो रोज़ बुलाते हैं,
पर “हाँ बेटा, मैं हूँ…” की आवाज़ अब वापस सुनाई नहीं देती।
माँ तो परमधाम चली गईं। कहते हैं, माँ कहीं भी रहे, अपने बच्चों को कभी नहीं भूलती।
पर एक सच यह भी है कि बच्चे भी माँ को हर रोज़ जीते हैं — हर पल, हर घड़ी।
आज जब मेरा बेटा अपनी माँ को Mothers Day की बधाई दे रहा था,
तो सच मानो, तुम्हारा एहसास आँखों में पानी बनकर उतर आया।
सभी को Mothers Day की हार्दिक शुभकामनाएँ।
जब तक माँ ज़िंदा रहती है, शायद उनकी अहमियत उतनी महसूस नहीं होती।
जिस दिन वो चली जाती हैं, उस दिन के बाद इंसान उनकी यादों के साथ हर रोज़ जीता है

तुम्हारा बेटा
राहुल