Tuesday, September 30, 2014

हर अहसान की एक अंतिम तिथि होती है।



हर अहसान की एक अंतिम तिथि होती है। कुछ वक्त बाद उसका असर खत्म हो जाता है पर अहसान करने वाला अहसान को समय-समय पर याद दिलाता रहता है की उसने कभी कोई अहसान किया था।
मेरी पत्नी सच ही बोलती है की दर्द या दुःख सिर्फ चन्द दिनों के होते  है पर अहसान उम्र भर का होता है।


इस बात का अहसास कुछ दिनों पहले हुआ जब किसे ने फ़ोन किया की उन्होंने कभी किसी के लिए कुछ त्याग किया था और आज उन्हें उस त्याग का बदला चाहिए और दूसरी तरफ जिनके लिए उन्होंने त्याग किया था वो सब भूल कर अपना जीवन हर्षोल्लास के साथ जी रहे है।





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