Tuesday, April 29, 2025

एक स्टेटस जिसने ज़िन्दगी का रुख ही बदल दिया

एक रिश्ते में टिकट क्यों नहीं हो, इतने सस्ते हो तो फिर बिकते क्यों नहीं हो, प्यार, अदब, तहज़्ज़ेब सलीका, ये ढोंग क्यों जैसे हो वैसे दिखते क्यों नहीं हो!

मेरे ही मित्र ने मेरे लिए कभी अपने व्हाट्सएप स्टेटस में लगाया था। थोड़ी नाराज़गी क्या हुई पूरा का पूरा मेरा चित्रण ही बदल गया। 
ठहर कर मुझे अपने आप के बारे में सोंचने पर मजबूर कर दिया। यदि में सरल दिखता हूँ तो क्या बाकी लोग मेरे लिए कठिन बन जाएंगे। 
आति हर चीज़ की बुरी होती है चाहे वह प्रेम हो या मित्रता। जब ज़्यादा शुद्ध मिलने लगता है तो देखा गया है कि उसे पाचन उतना ही मुश्किल हो जाता है। 

अब मैं कभी किसी के लिए इतना सुलभ नही रहूंगा। ढोंग शब्द कही मेरे दिल मे एक कील की तरह चुभ गया है। कोशिश है कि कभी यह कील मेरे दिल से निकल जाए। 

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