Thursday, December 15, 2022

बहन


कभी दीदी को मैं अपने दिल की हर बात बताता था। वो चाहे अच्छी हो या बुरी, सब बताता था। बिना सोंचे वो क्या सोंचेगी। वो दुनिया की मेरी सबसे अच्छी दोस्त थी। उसे सोते हुए जगा देता था और अपने सारी परेशानियां उसे बता कर रज़ाई ओढ़ कर चैन से सो जाता था।  फिर,  वो जगती रहती थी, रात भर। 

वक्त ने सब बदल दिया। अब मैं उसे कुछ नही बताता, बस खामोश हो जाता हूँ उसे देख कर। 

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