आज आफिस से आते वक्त, मैन सोंचा की स्वाति के लिए चॉकलेट लेता चलूं, चॉकलेट लेने जब दुकान पर गया, तो सोंचा डार्क चॉकलेट लेता चलूं, आदि तो खा नही पायेगा, तो स्वाति को खाने को मिल जाएगा, घर पहुँच, स्वाति को चॉकलेट दे ही रहा था कि आदि पास आया और बोला पापा आदि के लिए चॉकलेट लाये है और मां आपके लिए नींबू लाये है। मुझे दो चॉकलेट...
हमने सोंचा आदि डार्क चॉकलेट क्या खा पायेगा। थोड़ी देर में वापस कर देगा , हम आदि के रहमोकरम पर थे कि शायद हमे खाने को मिलेगा। थोडा खाने के बाद आदि पास आया और स्वाति से बोला माँ चॉकलेट कड़वी बिल्कुल नही है।
आदि की यह बात सुनकर मेरी सारी चालाकी धरी की धरी रह गयी, और अंत मे हमे बचे हुए कुछ टुकड़े खाने को मिले हम उसी से संतुष्ट हो अपने आपको खुश किस्मत समझ रहे थे...
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