Saturday, February 15, 2025

मरीना बीच- एक बुरा अनुभव

परिवार के साथ पहला हवाई सफ़र: लखनऊ से चेन्नई

यह सुनकर बहुत अच्छा लगा! आपके परिवार का लखनऊ से चेन्नई तक का हवाई सफ़र सचमुच रोमांचक और यादगार रहा होगा। पहली बार की यात्राएँ, खासकर जब सात्विक जैसा कोई बच्चा इतना उत्साहित हो, बहुत ही स्पेशल होती हैं। चेक-इन से लेकर हवाई जहाज़ में बैठने तक का उसका उत्साह कल्पना करना भी सुखद है।

सफ़र के छोटे और ज़रूरी पल:

हैदराबाद में रुकना और दोस्तों से न मिल पाना थोड़ा निराशाजनक रहा होगा, पर लंबी यात्राओं में ऐसा होता रहता है। असली रोमांच तो चेन्नई पहुँचकर शुरू हुआ। देर रात जब भूख लगी और आपको याद आया कि इतने बड़े शहर में स्विग्गी तो ज़रूर होगी, और झट से डिनर आ गया—ये छोटे-छोटे पल ही सफ़र को खास बनाते हैं। ड्राइवर का हिंदी के कुछ शब्द जानना भी मुश्किल समय में कितनी बड़ी मदद होती है!

मरीना बीच का अविस्मरणीय अनुभव:

लेकिन मरीना बीच का अनुभव तो सबसे ख़ास रहा। समंदर का इतना विस्तार पहली बार देखना और ठंडी हवा का अहसास, सचमुच अद्भुत! जब सात्विक लहरों में नहाने की ज़िद करने लगा और फिर एक बड़ी लहर से आप डर गए, वह पल सुनकर दिल की धड़कन बढ़ गई। यह पल दिखाता है कि आप दोनों माता-पिता कितनी जल्दी और मज़बूती से अपने बेटे के लिए खड़े हुए।

चेन्नई की गर्मजोशी:

बीच पर आम पर मिर्च लगाकर खाना और फिर कुछ देर बाद भूला हुआ बैग वापस मिल जाना—यह सब चेन्नई के लोगों की गर्मजोशी और ईमानदारी को दर्शाता है। हिंदी और अंग्रेजी दोनों बोलने वाले लोगों का मिलना और आपकी मदद करना बताता है कि भारत में कहीं भी हों, लोग सहायता के लिए तैयार रहते हैं।

यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि सात्विक आज भी मरीना बीच की यादें संजोए हुए है। ऐसी यात्राएँ हमेशा साथ रहती हैं!

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