किस्सा पिछलेेे साल का ही है। रविवार का दिन था , मै परिवार के साथ इडली और सांभर का मज़ा ले रहे थे की मकान मालिक का बुलावा आया की कुछ बात करनी है आपसे। थोड़ी देर के लिए नीचे बात करने आ जाएगा। हम भी खाना खत्म कर नीचे पहुंचे तो चर्चा शुरू हुई बिजली के बिल पर...
मकान मालिक ने चर्चा शुरू की, कि मेरे बिजली का बिल, उनके अनुसार काफी कम सा रहा है । मकान मालिक के अनुसार, मेरा बिजली का बिल AC चलाने के बाद भी कम आ रहा है। मकान मालिक के हिसाब से मेरा बिल 5000 और 6000 के आस पास रहना चाहिए। जो की नहीं है इसलिए उन्हें शक है की मैंने शायद कोई यन्त्र लगा रखा है जिसे बिल काम आता है। मैंने बोला की आप घर को चेक करा सकते है सबकुछ तो आपका ही है और आप ही की अंडर में है तो मै कैसे कोई डिवाइस लगा सकता हूँ और क्यों लगाऊंगा। १०००० कियारा देने के बाद १००० या २००० के लिए इतना झाम कौन करेगा। क्या यह इतनी बड़ी रकम है की जिसके लिए मै इतनी बड़ी परेशानी लूंगा। ६ साल से रह रहा हूँ तब नहीं किया तो अब क्यों करूँगा। पर भाई साहब कुछ भी सुनाने को तैयार ही नहीं हुए। बोले आप घर खाली कर दो । अगले महीने १० तारीख तक। हमने कहा ठीक है हम खाली कर देंगे। आपके शक का इलाज मेरे पास नहीं है। इतना बोल कर मै उनके यहां से निकल लिया और अपने घर आ बैठा और पूरा किस्सा मैंने अपनी पत्नी को सुनाया।
स्वाति गुस्से से आग बबूला हो रही थी की अचानक घर खाली करने को कोई कैसे बोल सकता है। अभी हमने कार खरीदी है कही और जायेंगे क्या हमे पार्किंग मिलेगी। इसी उधेड़बुन मे दिन निकल गया और हमने ये निर्णय लिया की घर ढूंढते है। मिलने पर जल्दी से जल्दी खाली कर देंगे। हम मकान मालिक द्वारा लगाए गए इलज़ाम का आधार अभी तक समझ नहीं पाए थे।
तभी सोमवार पीडी सर का फोन आया कि उन्हें घर मिलनेे वाला उसकी पजेशन के लिए वह नोएडा जल्द ही आ रहे हैं। घर मिलने के बाद, वह उस घर में रहने के लिए किसी किराएदार को ढूंढ रहे थे। हमने सोचा कि वो किसी और को किराये पर देंगे इससे अच्छा है कि मैं ही ले लूं।
तभी सोमवार पीडी सर का फोन आया कि उन्हें घर मिलनेे वाला उसकी पजेशन के लिए वह नोएडा जल्द ही आ रहे हैं। घर मिलने के बाद, वह उस घर में रहने के लिए किसी किराएदार को ढूंढ रहे थे। हमने सोचा कि वो किसी और को किराये पर देंगे इससे अच्छा है कि मैं ही ले लूं।
बात की हमने और वो राज़ी भी हो गए। पी डी सर आये। हमने घर अपने कब्जे में ले लिया। आजके एक हफ्ते में ही घर खाली कर जाने को तैयार हो गए। माँ को भी हमने यह सारी बात बताई, माँ ने एक बात कही
तुमने कोई चोरी नही की है। जाने से पहले मकान मालिक को बिना मिले मत आना और अपनी बात पूरी कर के ही आना। उनका आभार भी व्यक्त करके आना की अच्छा वक्त गुजर तुमने उनके घर मे पर चोरी की बार ठीक नही थी। वक्त आने पर आपको सच्चाई पता लग जएगी।
हमने ऐसा ही किया। मूवर्स एंड पैकर्स को बुलाया । सारा सामान पैक हो गया था। बस निकलने को ही थे। मैं और स्वाति दोनो मकान मालिक और मालकिन से मिले। हमने अपनी बात कहना शरू किया।
नमस्ते किया, और बोला एक आखिरी बात आपसे करनी है, हमने आपके घर मे अपनी गृहस्थी शरू की। आदि का लालन पालन भी यही हुआ। आप सबका प्यार भी मिला। आपने एक अभिभावक की तरह हमे बहुत कुछ सिखाया। अगर मुझसे कोई भी गलती हुई हो तो उसके लिए हम माफी मांगते है पर जो चोरी का आरोप हम पर लगाया यह ठीक नही लगा हमे। वक्त आने और जब भी कोई दूसरा किराएदार आएगा सच्चाई आपके सामने आ जायेगी।
बस इतना बोल हम दोनों वहाँ से निकल लिए, नए घर मे नया जीवन की शरूवात करने के लिए।
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