Tuesday, July 19, 2016

मैनेजरियल क्वालिटीज़


Managerial Qualities

मैंने तो मैनेजमेंट की किताबो में पढ़ा था की एक मैनेजर वो होता है जो नीचे लिखी चीज़ो पर अमल करे
  1. प्लानिंग 
  2. ऑर्गनिजिंग 
  3. कमांडिंग 
  4. कोऑर्डिनेटिंग 
  5. कंट्रोलिंग 
इनके साथ साथ वो

  • एक अच्छा मोटिवेटर हो
  • अपने अंडर में काम करने वालो को सम्मान दे।
  • उन्हें ग्रो करने के उचित मौके प्रदान करे।
  • उनसे नॉलेज शेयरिंग करे।
  • उन्हें भी मैनेजर बनने के गुर सिखाए
  • कन्फ्लिक्ट मैनेज करे।   इत्यादि। . इत्यादि


पर मुझे आज जाकर पता लगा की वो मैनेजरियल क्वालिटी मैनेजमेंट की किताबो में नहीं।  कौटिल्य के अर्थशास्त्र में मिलेगी।  जहां उन्होंने मित्र और शत्रु की परिभाषा की है।  मित्र से बढ़कर कोई शत्रु नहीं होता है, शत्रु का शत्रु आपका मित्र होता है ।  आप अपने मित्र पर भी यकीन न करे,  उसकी भी जासूसी करे।  हर वक्त अपने दिमाग को चौकन्ना रखे। किसी पर निर्भर न रहे।
देखता हूँ उसे भी पढ़कर शायद एक दिन मेरे अंदर मैनेजरियल क्वालिटी आ जाये।  

1 comment:

  1. Kya ho gaya bhai, kiski jasoosi kerni hai hume batao. Tum ache manager the ho aur ache agua rahoge hamesa. baki managerial quality to har insaan me hoti hai, koi kisi ko gira ke aage badhta hai koi sab ko saath leke. Dukh to tab hota hai jab aapke saath wala aapko ch***a shamajhne lagta hai aur chaploosi me bhayankar vishwaas rakhta hai.

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