Monday, December 26, 2016

ATM की लाइन

जबसे नोटेबन्दी हुयी है हम ऐ.टी.ऍम की लाइन में लगने लगे है। सौभाग्य से हमारे ऑफिस में भी एक ऐ.टी.ऍम मशीन है। लाइन तो वहां भी लगती है पर थोड़ा सकूँ है, कुछ लोग तो तकलीफ सहते हुए भी मोदी की तारीफ कर रहे थे और कुछ तो मोदींको भद्दी भद्दी गालिया दे रहे थे। 

ईमानदारी का नाटक करते लोगो ने ऐ.टी.ऍम की लाइन में भी जुगड़ लगाना  शरू कर दिया। बीच बीच में लग अपना पैसा निकलते लोग ईमानदारी का नाटक करते। कोई 5-5 कार्ड से पैसे निकलते तो कुछ 2 कार्ड से। शोषित होने का नाटक कर शोषण करने से भी बाज़ नहीं आ रहे है लोग, जो लोग पीछे ईमानदारी से लगे है उन्हें मुर्ख समझ अपने आपको होशियार होने का भी नाटक कर रहे है।  

गलत काम करने के बाद भी आँखों में शर्म की जगह अलग तरफ का कॉन्फिडेंस दिखा रहे थे।  जो भी उन्हें मना  करता वो उन्हें बोलते मै तो ऐसे ही देख रहा हूँ की पैसे निकल रहे है की नहीं।  कुछ नहीं हो सकता उन लोगो का। 

मेरे ख्याल से जो हुआ, अच्छा हुआ। हम कैशलेस की तरफ थोड़ा आगे बढ़ेंगे, टैक्स भी अब सबको देना पड़ेगा। ठेला लगा लाखो कमाने वाले भी अब गरीबी  रेखा से बहार निकलेंगे। फ़र्ज़ी बिल्स से छुट्टी मिलेगी। 

आदि ऑफिस गया था

आज आदि हमारी 4 साल पुरानी क्रिसमस की फोटो देखकर बोला माँ आदि कहाँ है। तब स्वाति ने जवाब दिया , बेटा तब तुम नहीं थे। फिर आदि बोलता है माँ तब मैं ऑफिस गया था।। फिर स्वाति आदि से पूछती है कि आदि ऑफिस क्यों गया था, तब आदि जवाब देता है। माँ आदि पापा को ढूंढने गया था। 

पुलिस का डर

माँ बचपन से ही बच्चो के अंदर पुलिस का डर बिठा देतीं हैं। माँ अक्सर बच्चे को बोलती है कि बेटा खाना खा लो नहीं तो पुलिस अंकल पकड़ लेंगे। बच्चो में डर व्याप्त हो जाता है पुलिस का । मेरे ख़याल से बच्चो को किसी भी चीज़ से डरना नहीं चाहिए। उनकी मनः इस्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
बड़े होकर हम न चाहते हुए भी पुलिस से डरते है। हमने गलती की हो या न की हो , पुलिस का लिए हमारे अंदर अच्छे विचार नहीं आते। किस्सा कुछ यूँ है
क्रिसमस पर हम आदि को मॉल घुमाने ले गए। बाहर निकलते वक्त आदि की नज़र पुलिस की एक कार पर पड़ी और आदि ज़िद करने लगा की वो पुलिस अंकल के साथ फोटो खिचायेगा। हम आदि को लेकर दो पुलिस ऑफिसर्स के पास पहुचे। आदि ने हाथ मिलाया , प्यार से बाय बया किया, चलते वक्त स्वाति ने बोला, अब आदि अच्छे से खाना खाएगा और रोएगा नहीं, नहीं तो पुलिस अंकल आदि को पकड़ ले जाएंगे। मैंने स्वाति को ऐसा न बोलने के लिए बोला।