Sunday, July 26, 2015

बप्पा- तुम एक सितारा थे

बप्पा  … मेरे लिए सिर्फ एक शब्द नहीं है इसकी एक परिभाषा है, वो आप है.
आपके जाने के बाद मैंने जब आपके जीवन पर एक नज़र डाली तो मुझे ऐसा लगा की आपका जीवन तो एक सितारे की तरह था।


आपने एक सितारे की तरह हमसबको प्रकाशित किया।

एक सितारा जन्म लेने से पहले अपने आस पास की हर चीज़ को अपने गुरुत्वाकर्ष से आकर्षित करता है.. फिर वह हर चीज़ को अपने में समाहित कर लेता है .. फिर वह अपने ज्ञान से एक प्रकाश उत्पन्न करता है और वह प्रकाश पूरी दुनिया पर छा जाता है, तब जाकर एक सितारे का जन्म होता है।

आपने भी एक सितारे की तरह जन्म लिया।  जितना मैंने अपने पापा से आपके बारे में सुना है की  आपने भी अपने आस पास के हर व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व से आकर्षित किया। उन्हें अपना बनाया।  आपने संघर्ष करते हुए लोगो को अपनी कठिनाइयों से लड़ने के लिए प्रेरित किया। आपने गरीबी, सामाजिक असमानता से लड़ते हुए एक ऐसा प्रकाश उत्पन्न किया जिससे सब प्रकाशित हुए. आपने अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।  मुनसिब बने, आपकी सफलता को देख पूरी पीढ़ी आपके पद्चिन्नो पर चलने का प्रयाश करने लगी, पापा बताते है उन दिनों वो आपके कितने मुरीद थे। पापा ने भी जीवन के संघर्ष के साथ अपनी पढाई करते रहे और सफलता प्राप्त की।

जब सितारा जवान होता है तो वह अपना प्रकाश दूर दूर तक फैलाता है , प्रकाश इतना तेज़ होता है की अपने अगल - बगल के छोटे सितारों की रौसनी को काम कर देता है। उसके प्रभाव से या तो उनका अस्तित्व खत्म हो जाता है या वो उनसे दूर चले जाते है । उसके अगल-बगल कोई और सितारा नहीं होता है।  फिर वो सितारा एकाकी हो जाता है , उसके अगल बगल सिर्फ गृह ही  चक्कर लगते है।  जो सिर्फ उस तारे के प्रकाश पर ही निर्भर रहते है।

आपने भी सफलता प्राप्त करने के बाद अपनी ख्याति दूर दूर तक फैलाई सिर्फ हम ही नहीं ,सब प्रभावित थे आपसे। आपके अगल बगल सिर्फ आपका ही प्रकाश था किसी और का प्रकाश आपतक नहीं पहुचा, आपने जिन सितारों को जन्म दिया, जो स्वयं में भी  एक सितारा थे , आप जान ही नहीं पाये की उनमे भी अपना प्रकाश है , आपके प्रभाव में उनका भी प्रकाश छुप गया।  वो भी आपअपने को खोजने में आपसे दूर होते रहे  और आपको पता भी नहीं लगा. आप सिर्फ अपने प्रकाश के मद में रहे,  की वो प्रकाश जैसे कभी खत्म न होगा ।  आपसे भी ज्यादा चमकदार कोई और सितारा हो सकता है ऐसा आपने कभी नहीं सोचा।

आपके पास  सिर्फ आपको सही कहने वाले लोग ही रहे।  कोई नहीं था जो आपको आपकी गलतियों के लिए आपको आपसे कुछ कहे ।  जो थे आपको आपकी गलतियों पर आपको कुछ बोल सके उन्हें धीरे धीरे अपने से दूर कर दिया।  उनकी बाते आपको शूल की तरह चुभती थी । आपके इस व्यवहार ने आपको और अकेला कर दिया।
जब सितारा बूढा होता है तब वो समझ ही नहीं पता है की उसका प्रकाश काम हो गया है । उसके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आता है , अब उसका गुरुत्वाकर्ष उतना तीव्र नहीं होता है की अपने सरे ग्रहो को खुद से बांधे रख सके।  सब उससे दूर हो जाते है और रह जाता है वो सिर्फ अकेला।

आपके साथ भी कुछ ऐसा हुआ।  जब आप  रिटायर हुए तो आप समझ नही पाए की अब वो प्रकाश आपके पास नहीं रहा ।  आपका व्यवहार समय के साथ नहीं बदला।  आपने कभी समझने की कोशिश ही नहीं की अब आपको बदलना चाहिए, आपने जिन सितारों जो जन्म दिया था उनके प्रकाश को आप अपना प्रकाश बना उनका प्रकाश बढ़ाते। इसके विपरीत आप उनसे अलग अपनी नयी दुनिया बनाने निकल पड़े,  बिना किसी का साथ लिए।  आप और बस आपकी तन्हाई आपके पास रही।  आपने सबसे मिलना जुलना भी बंद कर दिया।  आपने अपने अनुभव को बांटना बंद कर दिया जिसे समझ का कल्याण हो सके।  अपने पुराने मित्रो और सम्बन्दियो को साथ लेने के बजाये आपने अकेले रहना पसंद किया।  दीवारो के बीच आपने अपना जीवन सीमित कर लिया।

जब एक सितारा अपने जीवन की अंतिम पड़ाव पर होता है तो वह फिर से अपने अगल बगल के सारी चोजो को आकर्षित करता है।  पर इस बार प्रकाश देने के लिए नहीं उनके प्रकाश को अपने में समाहित करने के लिए ।    फिर वो ब्लैकहोल हो जाता है कुछ भी  उससे बाहर नहीं जाता है और अंत में एक विस्फोट से साथ अपना अंत कर लेता है। शायद नए जीवन की तलाश में वो पूरे ब्राम्हण में फ़ैल जाता है।

आप भी अपने जीवन के अंतिम दिनों में इतने निराशा वादी हो गए थे की आशा की एक भी किरण आपतक नहीं पहुंची। . जो पहुंची उसे भी आपने अपने अंदर समां लिया।  उसे बहार निकलने नहीं दिया । सबकुछ होने के बाद भी आपके पास कुछ नहीं था।
और आपने भी अपना अंत भी एक विस्फोट के साथ किया।

आप अपने आपको भी दान कर गए इस धरती पर नए जीवन की खोज के लिए ।


आपका जीवन एक मिसाल है हमसब के लिए.. आपके जीवन से हम हमेशा प्रेरणा लेते रहेंगे।




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